poem for didi

 माँ जेसी है काया उनकी 

हमको मिलती छाया उनकी 


जग मे है वो सबसे न्यारी 

प्यारी दीदी है वो हमारी 


बड़ी है वो हम तीनो मे ऐसे फिर भी मानो दोस्त हो जैसे 

ध्यान हमेशा वो है रखती कहने से पहले है समझती 


सीधी सिंपल सच्ची है वो 

बडी दीदी अच्छी है वो 


जीवन जीने का पाठ पढ़ाया 

मेहनत करना उन्होंने ही सिखाया 


माँ जैसे हमे है न्यारी

प्यारी दीदी है वो हमारी 


बच्चो जैसा ध्यान वो रखती 

अपने बच्चो सा हमे वो समझती


बहुत सारे गुड है उनमे फिर भी कोई घमंड नहीं 

पानी जैसे सरल है दीदी सीधी सिंपल अच्छी दीदी 


ममता उनमे बहुत है सारी

प्यारी दीदी है वो हमारी 


माँ जेसी है काया उनकी 

जीवन भर हमे मिलती रहे छाया उनकी 


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